कभी बेकार समझा जाता था ये पौधा, आज विदेशी बाजार तक पहुंच रहा इसका रेशा
Desert Farming: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में कभी बेकार समझा जाने वाला आक का पौधा अब किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बन गया है. कम पानी और कम रखरखाव में तैयार होने वाला यह पौधा एक बार रोपण के बाद 10 से 12 साल तक उत्पादन देता है. आक से मिलने वाले रेशे का उपयोग कपड़े, तकिए, गद्दे और अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जबकि इसके फूल, पत्तियां और दूधिया रस आयुर्वेदिक तथा औद्योगिक उपयोग में काम आते हैं. बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य के कारण आक की खेती रेगिस्तानी क्षेत्रों में किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail