बढ़ा खर्च का बोझ! खेतों से गायब हो रहा चारा, 1000 रुपये क्विंटल बिक रहा गेहूं का चारा, किसानों की बढ़ी चिंता

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Animal Fodder Price Hike: देश के कई हिस्सों में नकदी फसलों की बढ़ती खेती का असर अब पशुपालन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है. किसानों द्वारा अधिक मुनाफे वाली फसलों की ओर रुख करने से पारंपरिक चारा फसलों का रकबा लगातार घट रहा है, जिसके कारण पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता प्रभावित हुई है. इसका सीधा असर बाजार में चारे की कीमतों पर पड़ा है और गेहूं का चारा (भूसा) 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. बढ़ती कीमतों ने डेयरी किसानों और पशुपालकों की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि कर दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चारा उत्पादन को बढ़ावा नहीं दिया गया तो आने वाले समय में पशुपालन क्षेत्र को और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. चारे की कमी न केवल पशुओं के पोषण को प्रभावित करेगी.   Read More ...

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