तगाराम भील: पिता भेजते थे बकरियां चराने, अलगोजा लेकर जंगल में करते थे प्रैक्टिस, 1981 की घटना ने दिलाई पहचान

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Tagaram Bheel Life: तगाराम भील को भारत सरकार ने पद्मश्री देने की घोषणा की है. उन्होंने मूलसागर से निकलकर 35 देशों में अलगोजा वादन से राजस्थान की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है. लगातार अभ्यास और साधना के चलते तगाराम करीब 15 वर्ष की उम्र में अलगोजा के माहिर वादक बन गए और पूरी तरह इसी साधना में लीन हो गए.   Read More ...

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