धान में खैरा रोग से बचना है तो समय पर डालें जिंक, एक्सपर्ट ने बताया सही मात्रा और छिड़काव का तरीका

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सीधी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ शैलेंद्र गौतम के अनुसार, धान में जिंक की कमी होने पर पौधों का विकास रुक जाता है, कल्ले कम निकलते हैं और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है. इससे पौधे कमजोर हो जाते हैं. जिंक पौधों में प्रोटीन, स्टार्च और ऑक्सिन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. यह जड़ों को मजबूत बनाता है और पौधों को बीमारियों और प्रतिकूल मौसम से लड़ने की क्षमता भी देता है.   Read More ...

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