Padma Shri: 9000 भजन कंठस्‍थ, 26 सालों से मंद‍िर में संगीत की श‍िक्षा दे रहे पद्मश्री एन स्‍वामीनाथन

Image credit: Internet

तमिलनाडु के प्रख्यात ओडुवर (भजन गायक) एन स्वामीनाथन को कला, संगीत और तमिल ओडुवर परंपरा के संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2026 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है. स्वामीनाथन की स्मरण शक्ति अद्भुत है, इन्हें लगभग 9,000 से ज्यादा पारंपरिक तमिल भजन (पाण इसाई) और भक्ति गीत कंठस्थ हैं. वह चेन्नई के पास तिरुतनी के प्रसिद्ध मुरुगन मंदिर में पिछले 26 वर्षों से ज्यादा समय से नियमित रूप से पारंपरिक भक्ति संगीत और भजन गा रहे हैं. इन्होंने विश्व भर में फैले तमिल श्रोताओं के लिए 100 से ज्यादा डिजिटल संग्रह पेश किए हैं.स्वामीनाथन के संगीत से जुड़ने की कहानी भी काफी दिलचस्प है. जब वे 14 साल के थे तो उनके पिताजी उन्हें तिरुकारुकावर ले गए जहां मदुरई समूह का एक संगीत कार्यक्रम था. कार्यक्रम पूरा होने के बाद उनके पिता उन्हें आर्शीवाद दिलाने के लिए संगीतज्ञ के पास ले गए और बस यहीं से उनके जीवन ने एक नई दिशा पकड़ ली, आइए वीडियो में सुनते हैं उनके जीवन के बदलाव से लेकर पद्मश्री सम्मान तक की पूरी कहानी....   Read More ...

free visitor counters