किसान डेयरी फार्मिंग के तहत धान के पुआल को सूखे चारे के रूप में कर रहे उपयोग, भूसा के साथ मिलता है न्यूट्रिशन, बढ़ता है दूध

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसान डेयरी फार्मिंग के तहत धान के पुआल को सूखे चारे के रूप में उपयोग कर रहे हैं. पशुओं को पौष्टिक और संतुलित आहार न मिलने पर उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली पराली यानी पुआल किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. इसका सही तरीके से इस्तेमाल करके किसान चारे की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं और पशुपालन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं.   Read More ...

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