बागेश्वर की कंचन उपाध्याय 10 साल से ऐपण कला को दे रहीं नई पहचान, महिलाओं को मुफ्त में सिखा रहीं हुनर
उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला ऐपण को बढ़ावा देने के लिए बागेश्वर की कंचन उपाध्याय पिछले 10 सालों से जुटी हैं. ऐपण उत्तराखंड की प्रमुख लोककलाओं में से एक है. यह केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से भी जुड़ी हुई है. पुराने समय में घरों के आंगन, पूजा स्थल और देहरी पर ऐपण बनाने की परंपरा रही है. अलग-अलग शुभ अवसरों पर विशेष आकृतियां बनाई जाती थीं. समय के साथ इस कला के स्वरूप और इस्तेमाल में बदलाव आया है, लेकिन इसके प्रति लोगों का आकर्षण आज भी बना हुआ है. Read More ...
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