गोरखपुर की गीता वाटिका में 52 साल से हरि नाम संकीर्तन जारी, 1934 में खरीदी गई यह जमीन एक बड़ा आध्यात्मिक केंद्र, 16 गर्भगृह और 35 शिखर

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गोरखपुर के गीता वाटिका का इतिहास में वर्ष 1968 बेहद खास माना जाता है. इससे तीन साल पहले, 1965 में यहां गिरिराज जी की परिक्रमा शुरू हुई थी, इसके बाद राधाष्टमी के दिन भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार ने ‘अखंड हरि नाम संकीर्तन’ का संकल्प लिया. इसके बाद से यहां हरि नाम का संकीर्तन लगातार चलता रहा, समय बदला, लोग बदले, परिस्थितियां बदलीं, लेकिन संकीर्तन की यह परंपरा नहीं बदली. 1971 में भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार का निधन हो गया.   Read More ...

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