ओपिनियन: PM मोदी-मेलोनी पर संदीप का तंज, क्या शीला दीक्षित की आत्मा बेटे की बात सुनकर रो रही होगी?
शीला दीक्षित ने जिस दिल्ली की सियासत में भाषा की मर्यादा, प्रशासन और विकास को अपनी पहचान बनाकर तीन बार सरकार चलाई, उसी परिवार की अगली पीढ़ी आज पीएम मोदी-मेलोनी पर तंज को लेकर सुर्खियों में है. क्या यही कांग्रेस का नया राजनीतिक विमर्श है? संदीप दीक्षित की टिप्पणी ने राजनीतिक भाषा और उनकी मां की विरासत पर सवाल खड़े किए हैं. लेकिन सवाल सिर्फ कांग्रेस से क्यों? क्या भाषा की मर्यादा का पैमाना बीजेपी समेत पूरी सियासत पर एक जैसा लागू नहीं होना चाहिए? और सबसे बड़ा सवाल- बेटे की यह बात सुनकर क्या शीला दीक्षित की आत्मा रो रही होगी? समझिए पूरी कहानी. Read More ...
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