बलिया के ददरी मेले में लगता था गदहा मेला, होती थी शादियां, कोरोना बाद फिर से पशु मेला की जगी उम्मीद, जाने इतिहास

Image credit: Internet

बलिया के ऐतिहासिक ददरी मेले का गदहा मेला अपनी अनोखी परंपराओं, गदहों की खरीद-फरोख्त और आपसी विवादों के निपटारे के लिए जाना जाता था. कोरोना काल के बाद अब इसके फिर से शुरू होने की उम्मीद है. इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने कहा कि, ददरी मेले का गर्दभ यानि गदहा मेला एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा था. यह एक तरह से राष्ट्रीय मेला था, जहां अन्य कई प्रदेशों से रजक समुदाय (कपड़ा धोने वाले यानि धोबी समाज) के लोग अपने गदहों की खरीद बिक्री करने के लिए ददरी मेले में आते थे. इसकी सबसे खासियत चौंकाने वाली और हंसाने वाली यह थी कि इसमें उनके रिश्ते नाते भी तय हो जाते थे.   Read More ...

free visitor counters