यूरिया का सस्ता विकल्प बना रहे किसान, खेत में ऐसे तैयार हो रही नील-हरित काई की जैविक खाद, जानें पूरा प्रोसेस

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बिलासपुर जिले के मल्हार निवासी किसान जदूनंदन प्रसाद वर्मा अपने खेत में नील-हरित काई तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कृषि महाविद्यालय से काई का कल्चर लेकर गड्ढे में मिट्टी, गोबर खाद और अन्य सामग्री मिलाकर उत्पादन शुरू किया है. इस जैविक तकनीक से यूरिया खाद की जरूरत कम होगी और मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी.   Read More ...

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