ट्रेन का डिब्बा बना मंच, यात्री बने मुरीद! मिलिए बिना आंखों वाले देसी कलाकार रोशन से, सुर जीत लेगा दिल

Image credit: Internet

Jehanabad Roshan Kumar story: आंख नहीं है, सर...क्या दिक्कत, गले की आवाज से पुरी दुनिया को मनोरंजन करवाएंगे. उसी से दो चार रुपए होंगे तो अपना भी और अपने परिवार का खर्चा निकल जाएगा. यह कहानी पटना और जहानाबाद की सीमा पर मौजूद नदौल के रौशन की है, जिनके कंधों पर पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी है.   Read More ...

free visitor counters