रुई के फाहों से मखमली गद्दों तक, पाली में आज भी जिंदा है पिंजारा समाज का सदियों पुराना हुनर
पाली में पिंजारा समाज आज भी गद्दे बनाने की अपनी पारंपरिक कला को जिंदा रखे हुए है. फोम और ब्रांडेड गद्दों के बढ़ते चलन के बावजूद यहां कारीगर दशकों पुरानी मशीनों से रुई धुनते हैं और सुई-धागे की मदद से हाथों से खूबसूरत डिजाइन वाले गद्दे तैयार करते हैं. इंदौर से पाली आए परिवारों ने वर्षों पहले इस काम की शुरुआत की थी, जो धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया. इन गद्दों की मजबूती और मुलायमियत आज भी लोगों को पसंद आती है. हालांकि कड़ी मेहनत, कम मुनाफे और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी इस हुनर से दूर हो रही है. Read More ...
Related posts
आर्मी में डॉक्टर कैसे बनें? मेडिकल की पढ़ाई के साथ मिलती है फौज वाली ट्रेनिंग
यूपी-उत्तराखंड में अग्निवीर भर्ती रैली शुरू, 12 अक्टूबर तक चलेगा फिजिकल टेस्ट
Don't miss
Newsletter
Receive daily updates !
Last Comments
A writer is someone for whom writing is more difficult than it is for other people.
Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail