प्रेम और वफादारी की मिसाल है यह पक्षी, खेती में भी करता है मदद, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

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Sarus Crane Interesting Facts: मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला इस समय सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए भी सुर्खियों में है. साल 2026 की वार्षिक सारस गणना में यहां 50 सारस पक्षी दर्ज किए गए हैं, जिससे बालाघाट प्रदेश का सबसे अधिक सारस वाला जिला बन गया है. छह दिनों तक चले इस सर्वे में 22 टीमों ने 66 स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से गणना की. पिछले साल यहां 48 सारस मिले थे, जबकि साल 2003 में इनकी संख्या सिर्फ 5 थी. लगातार संरक्षण प्रयासों से इनकी आबादी बढ़ी है. सारस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जीवनभर एक ही साथी के साथ रहता है और अपने मजबूत जोड़ीदार संबंध के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि इसे प्रेम और निष्ठा का प्रतीक भी माना जाता है. इसके अलावा यह किसानों का मित्र पक्षी है, क्योंकि यह खेतों में हानिकारक कीटों को खाकर फसलों की रक्षा करता है. दलदली और जलाशय वाले क्षेत्रों में रहने वाला सारस स्वस्थ पर्यावरण का भी महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है. बालाघाट में बढ़ती इसकी संख्या संरक्षण और जैव विविधता दोनों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है.   Read More ...

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