बुंदेलखंड में जल संरक्षण के लिए बनाये जाते थे कुंए, तालाब और बावड़ियां, पानी सहेजकर खेती में होता था प्रयोग

Image credit: Internet

Bundelkhand Water Conservation: आज पानी पहुंचाने के लिए मशीनों तथा पाइपलाइन का इस्तेमाल होता है. लेकिन पुराने समय में लोग पानी की जरूरत पूरी करने के लिए कुओं तालाबों तथा बावड़ियों पर निर्भर रहते थे. बारिश के पानी को जमा करके रखा जाता था ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके. बुंदेलखंड के पुराने जल स्रोतों की बनावट भी खास होती थी. कुछ बावड़ियों में सीढ़ियां बनी होती थीं जिनसे नीचे उतरकर पानी तक पहुंचा जा सकता था. वहीं तालाबों में बारिश का पानी जमा किया जाता था. इन जल स्रोतों से लोगों को पीने के लिए पानी मिलता था. खेती तथा घर के कामों में भी इनका इस्तेमाल होता था.   Read More ...

free visitor counters