Video: जादुई चारा! एक बार लगाओ 4 बार काटो, पशुओं का दूध उत्पादन भी होगा दोगुना

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Fodder To Increase Milk Production: कोडरमा गौशाला समिति ने डेयरी फार्मिंग की दुनिया में एक ऐसा देसी फॉर्मूला पेश किया है. जो महंगे सप्लीमेंट्स और दवाइयों को मात दे रहा है. खाली जमीन पर नेपियर और सूडान किस्म के हरे सोने (चारे) की खेती कर गौशाला ने अपने दूध उत्पादन को महज कुछ महीनों में 150 लीटर से बढ़ाकर 300 लीटर प्रतिदिन कर दिया है. अक्सर पशुपालक दूध बढ़ाने के लिए बाजारू दवाओं पर मोटी रकम खर्च करते हैं. जिससे मुनाफा कम हो जाता है. इसके उलट, नेपियर और सूडान चारा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है. जो न केवल दूध बढ़ाता है बल्कि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार करता है. समिति के सहसचिव अरुण कुमार के अनुसार, एक बार इस चारे को लगाने पर 4 बार तक कटाई की जा सकती है. जिससे चारे की लागत न के बराबर रह जाती है. यह तकनीक उन छोटे किसानों के लिए वरदान है जो कम निवेश में बेहतर डेयरी बिजनेस करना चाहते हैं. कोडरमा का यह ग्रीन मॉडल अब पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है, जो साबित करता है कि प्रकृति के करीब रहकर भी उत्पादन को दोगुना किया जा सकता है.   Read More ...

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