जज सिर्फ कानून न बांचें, बेगुनाहों को बचाएं! ट्रायल कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी हिम्मत दिखाने की सलाह?

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Supreme Court on Trial Court Judgment: सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर सबूत पर्याप्त न हों तो ट्रायल से पहले ही केस खारिज करने की हिम्मत दिखाएं. जस्टिस संजय करोल ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया खुद एक सजा नहीं बननी चाहिए क्योंकि आपराधिक कार्यवाही से व्यक्ति को सामाजिक कलंक और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना आधार ट्रायल चलाना नागरिकों के भरोसे और अधिकारों का हनन है.   Read More ...

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