450 साल पुराने भोजासर की अनोखी कहानी! जहां मृत्युभोज बंद कर शिक्षा को बनाया मिशन, अब प्रदेश के लिए बना मिसाल

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Jhunjhunu Bhojasar Village History: झुंझुनूं जिले का 450 वर्ष पुराना भोजासर गांव सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और प्रगतिशील सोच के कारण पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है. इस गांव ने करीब 74 वर्ष पहले ही मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुप्रथा पर रोक लगाने का साहसिक निर्णय लिया था. उस समय लिया गया यह फैसला आज गांव की प्रगति और सामाजिक सुधार की मजबूत नींव माना जाता है. मृत्युभोज पर होने वाले अनावश्यक खर्च को रोककर ग्रामीणों ने शिक्षा, विकास और समाज कल्याण जैसे कार्यों पर अधिक ध्यान दिया. परिणामस्वरूप गांव में शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ा और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर प्राप्त हुए. सामाजिक एकता, जागरूकता और सुधारवादी सोच ने भोजासर को एक आदर्श गांव के रूप में स्थापित किया है.   Read More ...

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