यातना ऐसी कि राक्षस भी दहल जाए, फिर भी नहीं झुके कैप्टन सौरभ कालिया, दे दी सबसे बड़ी आहूति

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कारगिल युद्ध की शुरुआत में कैप्टन सौरभ कालिया और उनके पांच साथियों ने जो बलिदान दिया, वह भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे दर्दनाक और प्रेरणादायक कहानियों में गिना जाता है. मई 1999 में काकसार सेक्टर में घुसपैठ कर पाकिस्‍तानी आर्मी में अपना कब्‍जा जमाने की कोशिशों में लगी थी. टोह लेने के लिए निकले कैप्‍टन सौरभ कालिया और उनके साथियों पर दुश्‍मन ने घात लगाकर हमला कर दिया था. भारतीय जांबाजों को बंधक बनाने के बाद उन्‍हें ऐसी अमानवीय यातनाएं दी गई, जो किसी राक्षस को भी दहला दे.   Read More ...

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