क्या सजा काटने के बाद राजपाल यादव को नहीं देने पड़ेंगे 9 करोड़? जानिए चेक बाउंस का मायाजाल

Image credit: Internet

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: चेक बाउंस होना केवल एक बैंकिंग गलती नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध है. कई लोगों को लगता है कि जेल की सजा काट लेने से उनका बकाया कर्ज माफ हो जाएगा, लेकिन कानून की हकीकत इसके उलट है. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, सजा काटने के बाद भी देनदारी बनी रहती है. जानिए राजपाल यादव और चेक बाउंस से जुड़े कानूनी पेंच. क्या राजपाल यादव को बकाया रकम 9 करोड़ अब नहीं देने पड़ेंगे?   Read More ...

free visitor counters