जौनपुर के रेडियो मैकेनिक रामराज विश्वकर्मा के सामने रोजी-रोटी का संकट, 1980 से बना रहे रेडियो, मोबाइल के दौर में नहीं आते ग्राहक, जानें

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जौनपुर के रामराज विश्वकर्मा 1980 से रेडियो सुधारने का काम कर रहे हैं. इंटरनेट और मोबाइल के दौर में रेडियो का चलन घटने से उनकी दुकान पर संकट आ गया है. एक जमाना था, जब घर में रेडियो होना किसी पहचान से कम नहीं था. सुबह की शुरुआत समाचार से होती थी तो शाम फिल्मी गानों के साथ गुजरती थी. क्रिकेट की कमेंट्री सुननी हो या देश-दुनिया की खबर जाननी हो, रेडियो ही लोगों का सबसे भरोसेमंद साथी हुआ करता था. रेडियो खराब होने पर लोग उसे फेंकते नहीं थे, बल्कि उसे ठीक कराने के लिए कारीगर के पास पहुंच जाते थे.   Read More ...

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