48°C की तपिश, बंद पंखे और पसीने से भरे डिब्बे... बीकानेर से नापासर तक ट्रेन का 40 मिनट का सफर बना अग्निपरीक्षा

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राजस्थान की भीषण गर्मी का असर सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, अब रेल यात्राओं में भी साफ दिखाई देने लगा है. बीकानेर से नापासर तक करीब 30 किलोमीटर का सफर इन दिनों यात्रियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी में जब ट्रेन बीकानेर स्टेशन से रवाना हुई, तब बाहर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब था और गर्म हवाएं लोगों का जीना मुश्किल कर रही थीं.सिर्फ 40 मिनट की इस यात्रा में जनरल डिब्बों का हाल ऐसा था कि यात्री पसीने से पूरी तरह तरबतर नजर आए. कई पंखे बंद पड़े थे और जो चल रहे थे, वे भी राहत देने के बजाय गर्म हवा फेंक रहे थे. कोई अखबार से हवा करता दिखा, कोई गमछे से चेहरा ढककर बैठा रहा, तो कई यात्री बार-बार पानी पीकर खुद को संभालने की कोशिश करते नजर आए. छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह सफर सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण दिखाई दिया.बीकानेर रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं थीं. ट्रेन प्लेटफॉर्म के टीन शेड से काफी आगे जाकर रुकी, जिससे लोगों को तपती धूप में लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी. सफर के दौरान हर स्टेशन पर लोग पानी भरते, कोल्ड ड्रिंक खरीदते और गर्मी से राहत पाने के लिए हर संभव जतन करते दिखाई दिए. यह यात्रा सिर्फ एक रेल सफर नहीं, बल्कि राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच आम लोगों के संघर्ष की एक सच्ची तस्वीर बनकर सामने आई है.   Read More ...

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